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पूर्व राज्यपाल और पूर्व सीबीआई निदेशक अश्विनी कुमार ने की खुदकुशी, शिमला के घर में शव के साथ मिला सुसाइड नोट Featured

  07 October 2020
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शिमला पुलिस का कहना है कि पूर्व राज्यपाल अश्विनी कुमार के आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है।

पुलिस को मौके पर से एक सुसाइड नोट मिला है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

नागालैंड और मणिपुर के पूर्व राज्यपाल और सीबीआई के पूर्व निदेशक अश्विनी कुमार देर शाम हिमाचल प्रदेश के शिमला में अपने आवास पर मृत पाए गए हैं। पुलिस ने उनके शव के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है। फिलहाल पुलिस ने उनके शव को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शिमला पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

शिमला के एसपी मोहित चावला ने बताया कि पूर्व राज्यपाल का शव ब्राकहास्ट इलाके में निजी आवास में लटका हुआ पाया गया था। जानकारी के अनुसार पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें लिखा है कि “जिंदगी से तंग आकर अगली यात्रा पर निकल रहा हुं।” सूत्रों का भी कहना है कि अश्विनी कुमार पिछले कुछ समय से डिप्रेशन में चल रहे थे। हालांकि पुलिस ने अभी इस तरह की कोई पुष्टि नहीं की है।

भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी रहे अश्विनी कुमार अगस्त 2006 से जुलाई 2008 तक हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक रहे थे। उसके बाद साल 2008 में ही वह सीबीआई के निदेशक बनाए गए और साल 2010 तक वह इस पद पर रहे। इसके बाद साल 2013 में उन्हें नगालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। बीच में कुछ समय के लिए वह मणिपुर के भी राज्यपाल रहे। बाद में 2014 में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद वह शिमला में एक निजी यूनिवर्सिटी के वीसी भी रहे। 

अश्विनी कुमार का जन्म हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नाहन में हुआ था। भारतीय पुलिस सेवा में चयन होने पर उन्हें हिमाचल प्रदेश कैडर ही अलॉट हुआ था। वह साल 1985 में शिमला के एसपी भी रहे। एसपीजी के गठन के बाद उन्होंने वहां भी 1990 तक काम किया। उसके बाद वह राज्य के पुलिस महानिदेशक भी बने। फिलहाल उनकी अचानक इस तरह मौत से हर कोई हैरान है।